Saturday, July 21, 2012

kavita-delivery room

डिलीवरी रूम
मेरा ही नहीं उसका भी
पीढ़ी दर पीढ़ी घर है यह
वो मीटर ,गदर या
लाइट फिटिंग पट्टी पर
गुजार देती है रात .
जब घर के भीतर
घर बनाने को
लाती है एक -एक तीनका
बनाती है डिलीवरी रूम
तब भी रहता है उसका घर
पर
अब कहा गौरेया ?
और कहा बनाने देती है गृहणी
डिलीवरी रूम .

Tuesday, July 3, 2012

kavita - ujadana

1 . पहले लकड़ी के लिए
     फिर पानी
     फिर भूमि
     अब
     तुम्हे उजड़ना है
     हमारी रोशनी के लिए .
2.   जब    वे आए
      तुम  गए गहन जंगलो में
     काट  दिए जंगल
     अब तुम्हे समाना है उनमे .