Monday, November 2, 2015

SHER

१. करता हूँ बुराई किसी की भी  नहीं
    है हमारा पीएम पर अच्छा भी नहीं

2. ये करूँगा वो करूँगा कहते थकता नहीं
    कुछ करता हो ऐसा लगता भी नहीं

3 आज वही बुलेंदी पे नजर आ रहा है
  धर्म के नाम पर जो लोगो को लड़ा रहा है

4 सिर्फ सुनते थे मगर आज ये देखा भी
   राजनीति से लोगो के जज्बात बदल जाते है

5. अमावस्या सा छा गया वो देश में
    एक  टुकड़े रौशनी तरसा गया वो देश में
6. तुम चाहो तब मैं जुबा खोलू
    इससे अच्छा है जीभ शहीद करलू


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