Thursday, December 7, 2023

संभाग बनने के बाद कांग्रेस को मिली पाच सीट

बांसवाडा सम्भाग में बीजेपी को मिले ज्यादा वोट 
संभाग गठन पर कांग्रेस को मिली पांच सीट 

बांसवाडा /  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिसने जो माँगा वो दिया लोग मांगते – मांगते थक गए पर गहलोत देते हुए नहीं.उन्होंने बांसवाडा को सम्भाग बना दिया जिसमे बाँसवाडा की पाच, डूंगरपुर की चार और प्रतापगढ़ की दो विधानसभा के क्षेत्र को सम्मलित किया लेकिन विधानसभा चुनाव में लाभ नहीं मिला बीजेपी को कांग्रेस और बीएपी से ज्यादा मत मिले उसे सात लाख उन्सठ हजार पांच सौ तैतीस मत प्राप्त हुए. ग्यारह विधानसभा में बीजेपी को तीन ही सीट सागवाडा, गढ़ी और प्रतापगढ़ में जीत मिली. कांग्रेस को भले ही पाच विधानसभा डूंगरपुर, घाटोल, बांसवाडा,बागीदौरा, कुशलगढ़  में विजय प्राप्त हुई लेकिन इसे बीजेपी से 21860 कम मत मिले. 
    इस विधानसभा चुनाव में बांसवाडा सम्भाग बीएपी का उभरना बड़ी घटना है उसे इस सम्भाग में सात लाख इक्कीस हजार ग्यारह मत मिले. सिर्फ चार माह पूर्व गठित इस पार्टी की यह बढ़ी उपलब्धी मानी जा रही है इसे तीन सीट चौरासी, आसपुर और धरियावाद पर जीत मिली लेकिन राजनैतिक विश्लेषक इसे लोकसभा चुनाव के लिए खतरा बता रहे है वैसे बांसवाडा  और डूंगरपुर लोकसभा सीट में इस सम्भाग की आठ विधानसभा ही है डूंगरपुर की आसपुर और प्रतापगढ़ और धरियावाद सीट इसमें नहीं है. बीएपी ने इस सम्भाग की तीन सीट जीतकर राज्यस्तर पर तीसरी बड़ी पार्टी की हेसियत प्राप्त कर ली है. इस जातीय आधारित पार्टी का जनाधार आदिवासी है लेकिन माना जा रहा है की इस क्षेत्र के आदिवासी कर्मचारी कार्यकर्ता है. आदिवासी संस्क्रति, अस्मिता की अलग पहचान के लिए काम कर रहे इस सन्गठन को पहले बीटीपी ने पहचान दी थी जो की आदिवासी अस्मिता के लिए कार्यरत रहा है जो अभी भी है लेकिन उसका जनाधार खत्म हो गया है. 

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