मेरे ख्वाब को
करना चाहते है दफ़न
करते जा रहे है बंध
एक के बढ़ एक दर
नए दरवाजे,रोशनदानो से
उन्हें है एतराज
दबाना चाहते है मेरे ख्बाब .
करना चाहते है दफ़न
करते जा रहे है बंध
एक के बढ़ एक दर
नए दरवाजे,रोशनदानो से
उन्हें है एतराज
दबाना चाहते है मेरे ख्बाब .
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