बोनसाई बोला गर्व से
मै रहता हु घर मे
कोमल हाथ सहलाते मुझको
पानी देते फर से
मेरा गमला चांदी का
रहता काच me और...
सुनकर उसकी बात
मुस्कराया बरगद
झुमा तेजी से
उड़ गया बोनसाई इक और.
मै रहता हु घर मे
कोमल हाथ सहलाते मुझको
पानी देते फर से
मेरा गमला चांदी का
रहता काच me और...
सुनकर उसकी बात
मुस्कराया बरगद
झुमा तेजी से
उड़ गया बोनसाई इक और.
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