Friday, October 26, 2012

kavita -char ravan

रावण  तो कब का मर गया
अपनी बहन पर तेजाब फैकने वाले से
कौन भाई लेता है बदला
खटखटाता है न्यायालय का खटका

रावण  तो कब का मर गया
लक्ष्मण जिन्दा है
खिचता रहता है रेखाए
कभी खाप में ,कभी अपने -आप में .

रावण  तो कब का मर गया
अब छोड़ देता है अपहरण कर्ता
बगैर छुए ,भोगे ,मारे
कोई सीता .

रावण तो कब का मर गया
अपनी मान्यता ,संस्कृति ,आस्था को बचाने
लड़ता,मरता  है कौन भला ,पागल नादान
इन सबको बचाने .

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