तुम कहते हो मुझे
तुमसा लिखना नहीं आता
सत्ताधारियों को अच्छा लगे
एसा कहना नहीं आता
घोषति में मंच पर बैठ
एसा पढना नहीं आता
सुन भाई ,
मुझे कलम बेचना नहीं आता .
तुमसा लिखना नहीं आता
सत्ताधारियों को अच्छा लगे
एसा कहना नहीं आता
घोषति में मंच पर बैठ
एसा पढना नहीं आता
सुन भाई ,
मुझे कलम बेचना नहीं आता .
No comments:
Post a Comment