Saturday, February 24, 2018

lekh- fagan : ashlil ke gayan

लेख - अश्लीलता के गायन
संस्कृति का अंग है मनोरंजन
    होली मौसम बदलने का त्यौहार है सिर्फ रंग ही नहीं गीत भी मादकता बरसाते है भिगोते है।  ग्रामीण क्षेत्रो में तो दिन-रात स्वर लहरिया बिखरती रहती है वही चंग, ढोल, कुण्डी, थाप आदि बजती रहती है।  दक्षिणी राजस्थान के वागड़ क्षेत्र में यह उत्सव गायन के माध्यम से उन्मुक्तता फैलाता है इसमें युवक-युवतिया अपनी इच्छा , लालसा, तृष्णा को गीत के माध्यम से व्यक्त करते है इसे मनोविज्ञान भी कहा जा सकता है जहा दमित इच्छाएं सामने आ जाती है कह दी जाती है और "होली है " कहकर बुरा भी नहीं माना जाता है।
   वागड़ी के गीतों के बोल प्रेमी -प्रेमिका की छेड़छाड़ को बताते है जिसमे कई बार खुलापन है, सेक्स है, अश्लीलता है -
*  कमरा माँ सोदिरिया , कमरों डगिरियो ऐ 
    बापा झाने मारे सोरी तराई करे ऐ 
* कुकड़ो भी वेडी जाणु 
  बोकडो भी वेडी जाणु 
  वेवण तारो भो.... 
  में नी जाणु  
*नानी -नानी नणदे में छाती माते मोटा मोटी किदी 
  परनियो मने डरावे मारो घंटो डरे ऐ हारे  
    वागड़ी के गीतों में वेवण - विवाई का रिश्ता महत्वपूर्ण है ढुँढोत्सव में इन पर दोनों पक्ष जम के गीत गाते है जो गालियों  से भरे होते है -
*वेवण ने सोदी सोविस घंटे रमी आयो  
  ते जा तारो सोंदि वाटे रमतू ऐ  
  वेवण वैसी सोविस घंटा रमई आयो 
  वेवण जाणे मारो हीरो हंसो लगे ऐ 
*नरवारी ने बस स्टैंड माते 12 -13 बंग्ला ऐ 
  हूँ जाणु वेवण ने बारे हांड ऐ 
*वेवण भराई जाए 
  इलाज ने कराऊ 
    मेहंदी को लेकर वागड़ की युवतियों में ही नहीं युवाओ में भी बहुत क्रेज है प्रत्येक त्यौहार में लगाई जाती है शादी -ब्याह तो बड़ी बात है कोई छोटा सा उत्सव हो , ख़ुशी हो तो भी लगाते है इसपर गीत भी है जो जो फागण में गाये जाते है -
*मेंदी वारी बांगोद में 
  उगी कारा खेता में 
  मेंदी रो रकवारियो सोर 
  कादा में जीव में लू ऐ
कई गीतों में क्षेत्रीयता , गांव की पहचान आदि भी शामिल हो जाती है जो लोगो का जीवन, रहन-सहन बताती है ,रोजगार से जोड़ती है -
 * अहमदाबाद रयो न रयो 
    आवु ने आवु जुवे 
    ने आवे तो घंटा खाली और पटाऊ 
* परतापगढ़ नो जालरियो 
   सोरी नरवाली सिवडायो ऐ 
*तणते सोरा में ईमानदार जानियो 
आके नरवारी न सोरी ते वगाडी ऐ 
    युवक - युवतियों के प्रेम को शब्दों को ,गीतों के माध्यम से व्यक्त करने का फागड अच्छा अवसर है -
*जानु वारु बईरु चप्पल हेती ठेगी पड़ी 
  ठेगे -ठेगे  मसालों बनावी दियू ऐ हारे 
  गुजरात रियो थारी -मारी करि रियो 
  थारी ही न मारी ... दुसरो ऐ 
*मारे तकी टआले किया मत करे सोरी 
  अबार धूरा भेगी वेई जाए 
*जदी कोल आले 
  जदी आंबे - महुड़े कॉल आले 
  आम्बो ऐ वेरियो हाडो 
   डम्पर आवे ऐ 
* जदी कोल आले 
   जदी किसडा में कोल आवे 
   अमरे तो गदाडो वे जाए 
   तोए धोवडु 
*उबी ने उबी रसिया मारे 
  मारु मन झमके बदल रह्यु ऐ 
*होरी रमिया, भेगा -भेगा रमिया 
घेरे जाई ने केवा वारु राको मती 
*जानू वारु बईरु नातरे बरावयु ऐ 
  जानू वारे ढोलिए फेर मजो ली दो ऐ हारे  
   वागड़ी गीत दो स्वर में गाये जाते है इसलिए हर कोई, छोटा -बड़ा इसको सरलता से गा लेता है इसीलिए यहाँ पर हर गांव - गली में होली पर ये गीत गूंजते है। 
- भारत दोसी 9799467007



   

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