कर्मचारियों ने दिए कांग्रेस को मत
बांसवाडा और डूंगरपुर के डाटा
बांसवाड़ा / अशोक गहलोत सरकार की बड़ी योजना में ओल्ड पेंशन योजना रही उन्होंने जो सात गरंटिया देने का संकल्प लिया था उसमे ओपीएस को क़ानूनी जामा पहनाना भी था वैसे उन्होंने पहले ही ओपस दे दी थी जिसका लाभ २००४ के बाद नियुक्त कर्मचारियों को मिलना था. ३०-३५ साल नौकरी करने के बाद पेंशन मिलना एक जन कल्याणकारी कदम रहा लेकिन अब शायद राजस्थान बीजेपी की राज्य सरकार यह नहीं देगी क्योकि केंद्र सरकार इसके विरुद्ध है.
विधानसभा चुनाव के डाक मतपत्र के आंकड़े देखे तो लगता है की सरकारी कर्मचारियों को अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार से उम्मीद रही इसीलिए उन्होंने मत भी दिए प्राप्त डाटा में निशक्त और ८० वर्ष से ज्यादा उम्र के वोटर भी है फिर भी अनुमान है की कर्मचारियों ने गहलोत का साथ दिया पर राजस्थान में बीजेपी की सरकार बन गई. प्राप्त डाटा के अनुसार बांसवाडा विधानसभा में कांग्रेस को 873 और बीजेपी को 1113 घाटोल में क्रमश 269 और 411 गढ़ी में 528 और 378 बागीदौरा में कांग्रेस को 662 और बीजेपी को 855 कुशलगढ़ में 1288 और 365 मत मिले.
डूंगरपुर विधानसभा में कांग्रेस को 221 और बीजेपी को 378 आसपुर में 880 और 515 सागवाडा 379 और 720 और चौरासी में कांग्रेस को कांग्रस को 660 और बीजेपी को 1423 मत मिले.
प्रदेश की बात करें तो 199 विधानसभा सीटों पर 4 लाख 14 हजार 322 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलट से मतदान किया। इसमें सर्वाधिक 48 फीसदी वोट कांग्रेस को और भाजपा को 38 फीसदी वोट मिले। अन्य को 13 फीसदी पोस्टल बैलट मिले। पोस्टल बैलट में ज्यादातर जिलों में कांग्रेस ही आगे रही, लेकिन कुछ जिलों में भाजपा ने भी बाजी मारी।
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